यूपी में स्वच्छता का महाकुंभ! लखनऊ-प्रयागराज-गोरखपुर ने मारी बाजी

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

देशभर के 10 लाख+ आबादी वाले शहरों में तीसरे नंबर पर तिरंगा लहराता लखनऊ। पहली बार 7-स्टार GFC (Garbage Free City) की रेटिंग मिली, और उसके बाद लखनऊ की हवा में भी परफ्यूम आ गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इसे सम्मानित किया, और सीएम योगी ने कहा – “अब लखनऊ सिर्फ नवाबी शहर नहीं, सफाई का सरताज भी है।”

“कूड़े से दूरी, प्रेसिडेंशियल पुरस्कार की पूरी तैयारी!” – नगर निगम का नया नारा?

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प्रयागराज को ‘सबसे स्वच्छ गंगा शहर’: गंगा भी बोली – थैंक यू योगी जी!

गंगा किनारे की नगरी प्रयागराज ने दिखा दिया कि आस्था और सफाई साथ-साथ चल सकते हैं। अब यहां स्नान करने से पहले पानी छानने की ज़रूरत नहीं। महाकुंभ 2025 की तैयारी में पहले ही क्लीन चिट मिल गई। सरकार ने इसे “स्वच्छ महाकुंभ पुरस्कार” से नवाजा — यानी अब गंगा मैया भी सेल्फी-ready होंगी।

गोरखपुर की दोहरी जीत: सफाई में भी ब्रह्मास्त्र चला दिया

गोरखपुर ने किया दोहरा वार — 3-10 लाख आबादी श्रेणी में चौथा स्थान और सफाईमित्र सुरक्षित शहर श्रेणी में तीसरा स्थान। 5-स्टार GFC रेटिंग भी झटक ली। अब यहां कूड़ा भी VIP ट्रीटमेंट में जाता है।

आगरा बना उभरता स्वच्छ सितारा

ताजमहल की नगरी आगरा को राष्ट्रीय स्तर पर 32वां स्थान मिला और 5-स्टार GFC रेटिंग भी। मतलब अब आगरा सिर्फ प्रेम का प्रतीक नहीं, साफ-सुथरे शहरों की लिस्ट में भी अपनी जगह पक्की कर चुका है।

मुरादाबाद, बिजनौर, शमशाबाद: छोटे शहरों का बड़ा धमाका

  • मुरादाबाद – 10वां स्थान (3-10 लाख की आबादी में)

  • बिजनौर – 29वां स्थान

  • शमशाबाद – 95वां स्थान

ये छोटे नगर अब बता रहे हैं कि सफाई केवल मेट्रो शहरों की बपौती नहीं।

स्वच्छता अभियान की जड़ें गहरी: योगी सरकार का नवाचार और निगरानी मॉडल हिट

कैबिनेट मंत्री एके शर्मा बोले, “ये पुरस्कार सिर्फ ट्रॉफी नहीं, यूपी की जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं।” उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य बनाना है – और लगता है यूपी इस स्वच्छता की ओलंपिक दौड़ में सॉलिड लीड ले चुका है।

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“अब गंदगी नहीं, गारंटी चाहिए!”

सफाई के मोर्चे पर यूपी ने जो कर दिखाया है, वो सिर्फ पुरस्कारों की सूची नहीं, एक बदलाव की कहानी है। 2025 में महाकुंभ हो या मुहल्ला – सफाई ही प्राथमिकता है। अब नगर निगम वाले सिर्फ टैक्स ही नहीं लेंगे, बल्कि “अच्छी खुशबू और साफ गलियों” की भी गारंटी देंगे।

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